ख्वाब ... लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप जून 18, 2010 ख्वाब एकनिराधारबेल की तरह,बेलगामख्याल की तरह ,असहाय डोलतीकल्पना है ,जो हर वक़्तकब्र खोद कर हीऊँची उड़ान भरती है ,क्योंकिउसका दम तोड़नानिश्चित है । लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ हरकीरत ' हीर' ने कहा… वाह बहुत खूब ......!!ख्वाब कब्र खोद कर ही उडान भरते हैं .......!! इस्मत ज़ैदी ने कहा… ज्योति जी ,बहुत बढ़िया कविता सत्यता पर आधारितबधाई Apanatva ने कहा… bahut shandar abhivykti..... वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा… वाह.. बहुत सुन्दर कविता है.कल्पना है ,जो हर वक़्तकब्र खोद कर हीऊँची उड़ान भरती है ,क्योंकिउसका दम तोड़नानिश्चित है ।बहुत सुन्दर. Alpana Verma ने कहा… khwaab kee bahut khuub paribhasha di hai.bahut badhiya! रश्मि प्रभा... ने कहा… कितनी सहजता से इतनी बड़ी बात को सामने रख दिया....बहुत ही बढ़िया मनोज भारती ने कहा… सुंदर ...ख्वाब बेलगाम ख्याल है जो अपनी कब्र पर ही उड़ान भरता है । सुंदर दर्शन ... राज भाटिय़ा ने कहा… बहुत सुंदर जी, साथ मै चित्र भी मन भावन धन्यवाद mukti ने कहा… बहुत अच्छी लगी कविता. एकदम नयी सोच है... नयी कल्पना... ख़्वाब कब्र खोदकर उड़ान भरते हैं... कोई सोच भी नहीं सकता. शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' ने कहा… खूबसूरत तस्वीर जैसे लफ़्ज़...बधाई. priyadarshini ने कहा… बहुत खूब ।शायद अभी तक आपके द्वारा लिखी ग ई कविताओ मेँ से सबसे बेहतरीन कविता Unknown ने कहा… ज्योति जी, इस कविता में भाव स्पष्ट हैं, अच्छी कविता. संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा… ख्वाब असहाय डोलती कल्पना....सुन्दर अभिव्यक्ति रचना दीक्षित ने कहा… एकदम नयी सोच है बहुत खूब ......!!ख्वाब एकनिराधारबेल की तरह,कल्पना है ,जो हर वक़्तकब्र खोद कर हीऊँची उड़ान भरती दिगम्बर नासवा ने कहा… ख्वाब का अंत तो निश्चित ही है ... बहुत अच्छा लिखा है ... kshama ने कहा… Are! Yah rachana meri blog soochi me kyon na dikhayi dee?Chhoti-si yah rachna,kitni vilakshan badi aur gahari baat kahti hai! vandana gupta ने कहा… वाह्……………गज़ब के भाव उमडे हैं……………अति सुन्दर्।
टिप्पणियाँ
ख्वाब कब्र खोद कर ही उडान भरते हैं .......!!
बधाई
कल्पना है ,
जो हर वक़्त
कब्र खोद कर ही
ऊँची उड़ान भरती है ,
क्योंकि
उसका दम तोड़ना
निश्चित है ।
बहुत सुन्दर.
bahut badhiya!
बधाई.
ख्वाब एक
निराधार
बेल की तरह,
कल्पना है ,
जो हर वक़्त
कब्र खोद कर ही
ऊँची उड़ान भरती
Chhoti-si yah rachna,kitni vilakshan badi aur gahari baat kahti hai!