मोहब्बत ......... लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप अक्टूबर 20, 2013 मोहब्बत में आदमी जीता कम मरता ज्यादा है , पाने से अधिक खोने के लिए डरता ज्यादा है , यकीं कम ,उम्मीद के सहारे चलता ज्यादा है , तभी संभल नही पाता और गिरता ज्यादा है । लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा… बहुत सुंदर रचना !काफी दिनों बाद आपकी पोस्ट पढ़कर अच्छा लगा,नियमित लिखती रहे,,RECENT POST : - एक जबाब माँगा था. संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा… सटीक बात लिखी है । दिगम्बर नासवा ने कहा… बात तो सच कही है आपने ... पर मुहब्बत पे बस कहां होता है ... ये रोग तो आप ही लग जाता है ... इस्मत ज़ैदी ने कहा… बहुत सुंदर रचना है ज्योति और हाँ बहुत बहुत बधाई हो ,,सुना है नानी बन गईं :) Alpana Verma ने कहा… बड़ी सच्ची बात लिखी है ज्योति ![नानी बनने की बधाई!] शोभना चौरे ने कहा… bahut dino bad apko padha .kasi hai aap? महेश सोनी ने कहा… behtarin गिरिजा कुलश्रेष्ठ ने कहा… ज्योति जी , सरसपायस से ही आपको जाना था आज वहीं से आपके ब्लाग का पता चला है । अच्छा लगा । कविता सुन्दर है । दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं ।
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RECENT POST : - एक जबाब माँगा था.
और हाँ बहुत बहुत बधाई हो ,,सुना है नानी बन गईं :)
[नानी बनने की बधाई!]