लेन -देन

पाना है तो देना है
बात समझ ये लेना है ।
बात बराबर न हो तो
बोझ न मन पर लेना है ।
तुम बेहतर हो ,कहकर
मन को समझा लेना है ।
मौका कहाँ ये सबको मिलता
बस इतना जान  लेना है ।
रब तुम पर है मेहरबान
इस बात पर खुश हो लेना है ।
पाना है तो देना है
बात समझ ये लेना है ।

टिप्पणियाँ

पाना है तो देना है
बहुत सुंदर.... आप हमेशा ही भावों का चित्रण जीवंत बना देती हैं......आभार
ज्योति सिंह ने कहा…
आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद संजय

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