शुक्रवार, 31 दिसंबर 2010

नए साल के आने पर ..

ये साल गुजरा तो
कितने बाते याद आई ,
क्या खोया क्या पाया
सोच ये जहन में उभर आई
बही खाते अपने पन्ने
धड़ाधड़ पलटने लगे ,
नफा -नुकसान का हिसाब
फटाफट बताने लगे
वक़्त की रफ़्तार का तब
गहरा अहसास हुआ ,
एक वर्ष गुजर गया
इसका अंदाज हुआ
जिंदगी हम तुझसे और
एक बर्ष दूर हो गये ,
सोचकर ये दिल और उदास हुआ
तभी इरादे को दृढ़ की
अपनी सोच को नई दिशा दी ,
छूट गये जो काम
गुजरे साल में
करेंगे हम उन्हें पूरा
इस नए साल मे ।

...................................................................
आप सभी मित्रो को नव बर्ष की ढेरो बधाइयां ,नव बर्ष मंगलमय हो .

27 टिप्‍पणियां:

अल्पना वर्मा ने कहा…

तभी इरादे को दृढ़ कीअपनी सोच को नई दिशा दी ,छूट गये जो कामगुजरे साल मेंकरेंगे हम उन्हें पूरा इस नए साल मे'
--बहुत अच्छा संकल्प लिया है ज्योति आप ने ..नए साल में आप का हर अधूरा काम पूरा हो..जीवन यूँ ही हर्ष और उल्लास से भरा रहे .नववर्ष हेतु अनेकानेक मंगल कामनाओं के साथ तुम्हारी सखी -
अल्पना

[

इस्मत ज़ैदी ने कहा…

बहुत सुंदर कविता और उतना ही बढ़िया संकल्प
बधाई

इस्मत ज़ैदी ने कहा…

ख़ुदा आप की सारी ख़्वाहिशें पूरी करे ,नया साल ढेरों ख़ुशियां लाए (आमीन)

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

वाह क्या बात है.
देर लगी आने में तुमको, शुकर है फिर भी आये तो....
लम्बे अन्तराल के बाद नये वर्ष के साथ तुम्हारा भी स्वागत है. सुन्दर रचना.

ज्योति सिंह ने कहा…

vandana tumahari panktiyon ko padh battisi ubhar aai .kya comment kiya hai ,hum khush huye janab aur nav barsh mangalmai .

संजय भास्कर ने कहा…

आपको और आपके परिवार को मेरी और से नव वर्ष की बहुत शुभकामनाये ......

संजय भास्कर ने कहा…

आपको और आपके परिवार को मेरी और से नव वर्ष की बहुत शुभकामनाये ......

संजय भास्कर ने कहा…

आप को सपरिवार नववर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं .

Apanatva ने कहा…

sunder sankalp liye badiya kavita..........
itne din kanha thee....aap....?
kamee akharee thee..........
take care.

Apanatva ने कहा…

sunder sankalp liye badiya kavita..........
itne din kanha thee....aap....?
kamee akharee thee..........
take care.

Apanatva ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Apanatva ने कहा…

एक प्रिंट नहीं हो रही थी और अब बरसात ही आ गयी है न.......

मनोज भारती ने कहा…

नए वर्ष की मँगलकामनाएँ

सुंदर-भाव अभीव्यक्ति !!!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

सार्थक चिंतन ...

नव वर्ष की शुभकामनाएँ

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

आपको भी नव वर्ष की बधाइयाँ।

Mithilesh dubey ने कहा…

नव वर्ष की बहुत-बहुत बधाई ।

ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने कहा…

naw warsh ki hardik shubhkaamnaayen,
-gyanchand marmagya

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' ने कहा…

ज्योति जी, समीक्षा अच्छी बात है...
जिसकी बदौलत गलतियों से सबक...
और सफ़लताओं से प्रेरणा ली जानी चाहिए.
बहुत अच्छी रचना है...
नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं.

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

han ji jarur adhure kaam pure kariye lekin sabse pahle hamse nav varsh ki shubhkaamnaayen lekar

दिगम्बर नासवा ने कहा…

आमीन ... जरूर पूरा करेंगे .. ये संकल्प है हमारा ....
आपको और आपके समस्त परिवार को नव वर्ष मंगलमय हो ...

Dr Varsha Singh ने कहा…

नव वर्ष 2011 आपके एवं आपके परिवार के लिए सुखकर, समृद्धिशाली एवं मंगलकारी हो...

हरकीरत ' हीर' ने कहा…

ज़िन्दगी हम तुमसे
और एक वर्ष दूर हो गए
ये सोच कर मन उदास हुआ .....

सही कहा ज्योति जी ...

manav vikash vigyan aur adytam ने कहा…

naye saal ki badhai

रचना दीक्षित ने कहा…

सार्थक चिंतन.प्रस्तुति बहुत बेहतरीन है. नूतन वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

muskan ने कहा…

आपको भी नव वर्ष की बधाइयाँ।

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

आदरणीया ज्योति सिंह जी
सादर अभिवादन !

"नए साल के आने पर .." रचना बहुत प्रभावशाली है …

ज़िंदगी हम तुझसे और एक वर्ष दूर हो गये ,
सोचकर ये दिल और उदास हुआ …


बिल्कुल सही कहा आपने ।

छूट गये जो काम गुजरे साल में
करेंगे हम उन्हें पूरा इस नए साल मे


आपके शब्दों से, आपके हौसले से प्रेरणा ले'कर हम भी नव वर्ष के प्रति आशान्वित हैं ।

मेरे गीत की कुछ पंक्तियां आपको सादर समर्पित हैं -
प्राची में केशर ढुलके,
पूरे भूमंडल पर छा जाए !
आलोकित नव दिनकर
जगती का तिमिर-तुमुल झुलसा जाए !
आकंठ आनंदित दसों दिशाएं ,
सुख समृद्धि चहुं ओर हो !
यह भोर सुहानी भोर हो !!


~*~नव वर्ष २०११ के लिए हार्दिक मंगलकामनाएं !~*~

शुभकामनाओं सहित
- राजेन्द्र स्वर्णकार

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

sundar kavita ke liye badhai.......aur naye varsh ke liye subhkamnayen.......:)