शनिवार, 2 मई 2009

मेरी खामोशी को दिशा न
दो कोई और ,
तूफान से पहले अंजाम का
होता नही शोर

4 टिप्‍पणियां:

SWAPN ने कहा…

aapki rachnayen to toofani gati se aa rahi hain. gagar men sagar.

ज्योति सिंह ने कहा…

shukariya .umar ke raftar ke mutabik chal kayam karni parti hai .

Kishore choudhary ने कहा…

अच्छी कविता है , बधाई

ज्योति सिंह ने कहा…

shukariya .