खट्टी -मीठी बात
हर रोज़ ज़िन्दगी की एक नई कहानी होती है । इस गुजरते वक्त की न जाने क्या -क्या मेहरबानियाँ होती है । ------------------------------------------- कहाँ जाना था ,कहाँ से गुजर गए हम । इस तूफानी रात के साये से लिपट गए हम । ++++++++++++++++++++++ कई ख्वाहिशे इर्द -गिर्द समेटे इंसान जीता है , किसी को तोड़ता व किसी को जोड़ता है । _______________________ किसी बिम्ब को आप प्रतिबिम्ब बना लीजिये , आइने में जिसे चाहे उसे छुपा लीजिये । >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>> अमृत के प्यालो में , विष भी ज़रा - ज़रा गुनाहगारों में शामिल हो रहे सभी यहाँ ।