मां शारदे
संगीत की देवी वीणावादिनी जय मां शारदे, विद्यादायिनी. तेरा वैभव असीम अपार पूजे तुमको विश्व-संसार. अद्वितीय प्रभा की प्रतिमा तुझमें, मुख ज्योति से प्रस्फुटित होती किरणें, उन किरणों से हर लेती तू जग की सारी यामिनी, वीणावादिनी. दुनिया के क्लेषों से रहती है दूर सदा अपने भक्तों को संवारती वरदानों से सदा तेरी करुणा के सागर में, दया का भाव बंधा सुन ले विनती हे मां, लक्ष्यों को मेरे जीवन से बांध. कमल की सेज पर सुशोभित जय हो तेरी हंसवाहिनी पुस्तक-धारिणी दया-दायिनी.