आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है कल (16-5-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
नन्ही सी कविता में छायावाद का दर्शन करा दिया आपने.बधाई.ब्लॉग गुरतुर गोठ में पधार कर आपने मेरी रचना पढ़ी,सराहा,इस हेतु धन्यवाद.कभी हमारे पारिवारिक ब्लोग्स में जरूर आईयेगा.
टिप्पणियाँ
लेकिन मेरी कल्पनाओ को
करता है वही साकार .
क्या बात है ,,,वाह !!!!
लेकिन मेरी कल्पनाओ को
करता है वही साकार .
बहुत खूब.
फिर क्यूँ न निराकार भी आपकी कल्पनाओं को साकार करे.
आपकी 'उम्मीद' अदभुत है,अति सुन्दर है.
प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (16-5-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
http://charchamanch.blogspot.com/
इसमें कोई संदेह नहीं ...
अच्छी कविता है !!
लेकिन मेरी कल्पनाओ को
करता है वही साकार .
वही भीतर होता है । बहुत अच्छी रचना ।
कर बिनु करम करइ विधि नाना
आनन रहित सकल रस भोगी
बिनु वानी वक्ता बड जोगी
काश. प्रेम भाईचारे को लोग अपनाते.
- विजय
जिसका कोई अक्स नहीं वही करता है सपना साकार