संदेश

दिल ........

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दिल सुनता रहा दिल सहता रहा , सब्र का सिलसिला बस यूही चलता रहा . _------------------------ खामोशी मे कई बातो का आगाज होता है टूटने पर ही इस बात का अहसास होता है . _--------------------------------------------

बचपन की तस्वीरे

बीते दिनो की हर बात निराली लगती है बचपन की हर तस्वीर सुहानी लगती है . पहली बारिश की बूंदो मे मिलकर खूब नहाते थे , ढेरो ओले के टुकड़े को बिन बिन कर ले आते थे . इन बातो मे शैतानी जरूर झलकती है  बचपन की हर तस्वीर सुहानी लगती हैै . सावन के आते ही पेड़ो पर झूले पड़ जाते थे , बारिश के  पानी मे बच्चे कागज की नाव बहाते थे , बिना सवारी  की वो नाव भी अच्छी लगती है  बचपन की हर तस्वीर सुहानी लगती है । पल में रूठना पल में मान  जाना  बात बात में मुँह का फुल जाना , जिद्द में अपनी बात मनवाना  हक से सारा सामान जुटाना , खट्टी मीठी बातों की हर याद प्यारी लगती है  बचपन की हर तस्वीर सुहानी लगती है ।। कच्ची मिट्टी की काया थी  मन मे लोभ न माया थी , स्नेह की बहती धारा थी  आशीषों की सर पर छाया थी , चिंता रहित बहुत ही मासूम सी जिंदगी लगती है  बचपन की हर तस्वीर सुहानी लगती है ।

मन के मोती

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हर फिक्र से आजाद हम होने लगे है , सोचने सबके लिए अब कम लगे है . ,,,,,,,,............ शिकायतो मे ही हमेशा जिन्दगी बसर करना अच्छा नही , लौटकर नही आता यहॉ फिर जो गुजर जाता हैै वक्त कभी .

सालगिरह पर

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आज का दिन ही ऐसा है जो हमे लिखने को मजबूर कर रहा है , क्योकि हमारी जिन्दगी से ये एक बर्ष को दूर कर रहा है . जो आती है चीज यहॉ वो जाती भी है इसे बयां हमारा  दस्तूर कर रहा है .

युग परिवर्तन

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न तुलसी होंगे, न राम न अयोध्या नगरी जैसी शान . न धरती से निकलेगी सीता , न होगा राजा जनक का धाम . फिर नारी कैसे बन जाये दूसरी सीता यहां पर , कैसे वो सब सहे जो संभव नही यहां पर . अपने अपने युग के अनुसार ही जीवन की कहानी बनती है , युग परिवर्तन के साथ नारी भी यहॉ बदलती है .
रहमत है उस खुदा की गुजर हो रहा है , हर हाल मे यहां सबका बसर हो रहा है . ,,,,,,,,,,,,,,,, जिस बात पर यकीन कभी होता नही था उस बात पर यकीं अब हो रहा है . ........... इतनी घनी आबादी और आदमी अकेला कहने को उसे अपना कोई नही मिल रहा है . "''''''' आदमी अठन्नी और खर्चा रुपया शौक इस कदर हमे ले डूब रहा है . ुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुु मकान का नक्शा कुछ इस तरह बनने लगा है जो जमीन पर था वो आसमान पर बस रहा है . ,,,,,,,,, वाकई मे दुनिया बहुत बदल गई इस बात का इल्म हमे हो रहा है .

शादी की सालगिरह के शुभ अवसर पर

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अच्छा था या बुरा सही था या गलत शिकायत थी या फिर नही , इन सभी बातो से बढ़कर जो बात थी वो यह थी किं जिन्दगी गुजर गई हर हाल मे अपनी साथ कही .