तुम अपनी आदते बदल दो मैं अपने इरादे बदल दूंगी , तुम अपनी जिद्द छोड़ दो मैं जीने की वजह दे दूंगी , तुम अपने कदम बढ़ाओ मैं चलने की हिम्मत दे दूंगी , तुम अपने हाथ बढ़ाओ मैं बढ़कर थाम लू...
फिर से बच्चा बनना है बड़े होने पर सोचते रहे , बड़े होने की जल्दी रही जब हम बच्चे रहे । जो आसान नजर आया वही रास्ता नापते रहे , हर वक्त जिम्मेदारियों से हम दूर भागते रहे । जो नहीं ...
किस वादे पर इंसान कर बैठा नफरत करके कोई पहल इसे मिटा क्यों नहीं देते , क्यों पैदा करते है दिलो में ऐसी हसरत जो सब कुछ आकर यहाँ उजार है देते । ………........................................... आदमी जिंदगी के जंगल मे...
औरत वो सवाल है वो जवाब है वो खूबसूरत सा खयाल है , वो आज है वो कल है हर समस्याओ का हल है , वो सहेली है वो पहेली है दुनिया की भीड़ में अकेली है । वो मोती है वो ज्योति है वो इस सृष्टि में ...
पाना है तो देना है बात समझ ये लेना है । बात बराबर न हो तो बोझ न मन पर लेना है । तुम बेहतर हो ,कहकर मन को समझा लेना है । मौका कहाँ ये सबको मिलता बस इतना जान लेना है । रब तुम पर है मेहर...
कल उतना ही सुंदर हो जितना बचपन मेरा था । न जवाबों की जरूरत थी न सवालों का डेरा था । न मजहब का झगड़ा था न तेरा न मेरा था , जात-पांत का भेद न जाना मन से मन का फेरा था । जो कहता मन मेरा था ...