संदेश

प्यारे बापू कोटि कोटि प्रणाम

बापू की चप्पल  बापू की धोती  बापू की ऐनक बापू की लाठी  ये सब थे बापू के साथी बापू का चरखा  बापू के सूत  बापू के विचार  बापू सत्य के सपूत  बापू का दृढ़ संकल्प अटूट  नही कभी आराम  नही कही विश्राम  बापू का रहा  बस चलना काम  बापू की पूजा उनका काम   बापू थे संत भारत के रत्न  लिए फिरते थे आजादी के स्वप्न युग के गौतम शत शत नमन भारत को आजाद कराया अंग्रेजों को मार भगाया  नमक आंदोलन तुमने चलवाया डांडी यात्रा भी करवाया  देश के प्रति कर्तव्य अपने तुमने खूब निभाया  देश तुम्हारी है संतान  राष्ट्रपिता तुम सबके महान  किया न्योछावर देश के लिए  खाकर गोली अपने प्राण  सारे जग को तुम पर अभिमान युग के गौतम करुणा धाम प्यारे बापू कोटि कोटि प्रणाम.

एक अजीब बाजार है दुनिया

एक अजीब बाजार है दुनिया  जिंदगी की खरीदार है दुनिया,  मोल खुशी का है नही कोई गम की हिस्सेदार है दुनिया, सच की कीमत को न समझे  झूठ का करती व्यापार है दुनिया,  सौदा करने का ढंग न आये हिसाब मे बड़ी बेकार है दुनिया,  रिश्तों की पहचान है मुश्किल रहस्य भरी किरदार है दुनिया,  समझदारों की कमी नहीं है  फिर क्यों नही समझदार है दुनिया,  राह है सीधी ,सफर है मुश्किल  कैसी ये बरखुरदार है दुनिया ।

मै देश हूँ तुम्हारा...........

मैं देश हूँ तुम्हारा  मुझे प्यार से संवारो  मैं देश हूँ तुम्हारा  मुझे प्यार से संभालो  मै देश हूँ तुम्हारा  मुझे संकट से उबारों  मै देश हूँ तुम्हारा  मुझे हरा- भरा कर डालो मैं देश हूँ तुम्हारा  मुझे हृदय में बसा लो  मै देश हूँ तुम्हारा  मुझे बुरी नजरों से बचा लो  मै देश हूँ तुम्हारा  मुझे अंधेरो से निकालो  मै देश हूँ तुम्हारा  मुझे गले से लगा लो  मै देश हूँ तुम्हारा  मेरे भाग्य को जगमगा दो  मै देश हूँ तुम्हारा  मेरे सर पे ताज पहना दो  मै देश हूँ तुम्हारा  मुझे आँखों में सजा लो  मै देश हूँ तुम्हारा  मुझे सोच मे रच डालो  मै देश हूँ तुम्हारा  मुझे प्यार से संभालो । ज्योति सिंह  जय जवान  जय किसान , जय हिंद, मेरे प्यारे देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई हो,  गगन को चूमता रहे तिरंगा हमारा खुशियों से लहराए तिरंगा हमारा. धरती को नमन, आकाश को नमन, देश को नमन और हमारें देश के सारे वीरों को नमन, संपूर्ण सृष्टि को रचने वाले प्यारे प्रभु को नमन, 👏👏💐🌷

ये चाँद उतर कर जमीं पर तो आ..

चाँद ऐ चाँद  उतर कर कभी  जमीं पर तो आ  तंग गलियों के बंद घरों की गंदी बस्तियों में आकर तू फेरे तो लगा  देख आँखों में पलती हुई बेबसी  बंद गलियों में दम तोड़ती जिंदगी जीने मरने की  उम्मीद लिये सिसकती जिंदगी आँखों में कटती  चुभती रातें  होंठो पे अटकी अनकही बातें  देख दिल के गहरे दाग यहाँ  सुन सबके अपने हाल यहाँ  तू भी तो आँसुओं मे नहा  तू भी तो दुख में  मुस्कुरा अरे तू  छुप गया कहाँ चाँदनी से निकल सामने तो आ कई रिश्ते निभाये है तूने हमसे  अब मसीहा बनकर भी  तू हमें दिखा  ऐ चाँद उतर कर जमीं पर तो आ.. .।

ईसा मसीह

ईसा जब जब तुम्हे  यू सूली पर  लटका हुआ देखती हूँ  तब तब तुम्हारे बारे में  सोचने लगती हूँ  और तुमसे ये  पूछ ही बैठती हूँ  ईसा तुम  अच्छाई को ठुकते  देख रहे थे ऊपर से चेहरे पर  हँसी लिए हुए  मुस्कुरा भी रहे थे  और सुनते हैं  उन जल्लादो पर भी तरस खा रहे थे तुम जो तुमको सूली पर बड़ी बेरहमी से चढ़ा रहे थे, जहाँ बातों से मन  छलनी हो  जाता हैं वहाँ कील से  ठोके जाने पर रक्त के बहते रहने पर पीड़ा तुम्हारी असहनीय तो  हो ही रही होगी फिर भी तुम  सारी वेदनाये  व्यथा, तकलीफ  आसानी से सहते गये ,  इन हालातों में भी अपने दर्द को महसूस करने  और अपने  ऊपर तरस  खाने की बजाय  उन जल्लादो पर  तरस खा रहे थे  जो जान बूझकर तुम्हे  कष्ट पहुंचा रहे थे तुम्हारी अच्छाई का तिरस्कार खून कर रहे थे,  सचमुच तुम महान थे  जो कातिल को  बुरा भला कहने और उन्हे सजा सुनाने की बजाय  उनके लिए दुआ मांग रहे थे,  जो सब सहकर भी हँसते हुए  सूली पर लटक जाये  वो ...

ख्वाब

चित्र
ख्वाब ... ख्वाब एक निराधार बेल की तरह, बेलगाम ख्याल की तरह , असहाय डोलती कल्पना है , जो हर वक़्त कब्र खोद कर ही ऊँची उड़ान भरती है , क्योंकि उसका दम तोड़ना निश्चित...

संगत ........

स्वाती की बूँद का निश्छल निर्मल रूप , पर जिस संगत में समा गई ढल गई उसी अनुरूप । केले की अंजलि में रही वही निर्मल बूँद , अंक में बैठी सीप के किया धारण मोती का रूप , और गई ज्...